ईरान में नतान्ज परमाणु संयंत्र पर हुए हमले के प्रतिशोध में अब इजरायल पर एक बड़ा हमला हुआ है। ईरान ने शनिवार को दक्षिणी इजराइल के डिमोना में बैलिस्टिक मिसाइल दागीं, जहां शिमोन पेरेस नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र का स्थल है। इस हमले में एक इमारत ढह गई, जिसमें 10 वर्षीय बच्चे और 40 वर्षीय महिला सहित कम से कम 47 लोग घायल हो गए। घटना के बाद कई इमारतों की खिड़कियां और शीशे टूट गए, जिनके कई वीडियो भी सामने आ रहे हैं।
डिमोना में हमले का वीडियो आया सामने
इसके अलावा सोशल मीडिया प्लटेफार्म एक्स पर इस हमले से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो इजरायल के डिमोना में हुए हमले का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में ईरानी मिसाइल के हमले का असर दिखाया गया है। 32 सेकंड के इस वीडियो में एक मिसाइल इमारत से टकराती हुई दिखाई देती है, जिसके बाद धमाके की तेज आवाज सुनाई देती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस घटना के कारण इमारत गिरी या नहीं। दमकल और चिकित्सा सेवा सहित बचाव दल बचाव कार्य के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और घायलों को चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। इस बीच, इजरायल की सेना ने कहा है कि यह नेगेव रेगिस्तान में स्थित दिमोना शहर में एक इमारत पर "सीधा मिसाइल हमला" था।
लिटिल इंडिया के नाम से जाना जाता है डिमोना
डिमोना शहर को ''लिटिल इंडिया'' के नाम से भी जाना जाता है। मेगन डेविड अदोम (एमडीए) बचाव सेवाओं और स्थानीय निवासियों ने बताया कि घायलों में 12 वर्षीय एक लड़का भी शामिल है, जो छर्रे लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने बताया कि 30 वर्ष की आयु के आसपास की एक महिला कांच के टुकड़े लगने से घायल हो गयी है जबकि 31 अन्य लोग छर्रों से हल्की चोट लगने या आश्रय स्थल की ओर भागते समय गिरने से घायल हो गए। इसके अलावा 14 लोगों का बेर्शेबा के सोरोका अस्पताल में बेचैनी के लिए इलाज किया गया।
हमले की जांच कर रहा IDF
आईडीएफ का कहना है कि वह इस बात की जांच कर रहे हैं कि ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को रोका क्यों नहीं जा सका। सेना के अनुसार, वायु रक्षा प्रणाली ने मिसाइल को रोकने की कोशिश की, लेकिन 'इंटरसेप्टर' उसे मार गिराने में सफल नहीं हो सके। उसने कहा, ''इस घटना की जांच की जाएगी।'' वहीं संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था IAEA ने हमले के बाद अधिकतम सैन्य संयम बरतने की अपील की। उसने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''IAEA को इजराइल के डिमोना शहर में मिसाइल गिरने की जानकारी है, लेकिन नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र को नुकसान होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं।''
IRGC ने बताया नतान्ज़ हमले का बदला
तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के IRGC ने दिमोना में हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमले को अपने नतान्ज़ परमाणु संयंत्र पर हुए हमले का बदला बताया है। माना जाता है कि दिमोना में मध्य पूर्व का एकमात्र, हालांकि अघोषित, परमाणु शस्त्रागार स्थित है। हालांकि, इजराइल ने अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में अस्पष्टता की नीति अपनाई है और कहा है कि दिमोना स्थित संयंत्र केवल अनुसंधान के लिए है।
नतान्ज पर हुआ था हमला
नतान्ज़ परमाणु संयंत्र पर हमले की बात करें तो, ईरान ने कहा कि शनिवार को इजराइली हमले में ईरानी शहर में स्थित परमाणु संयंत्र को निशाना बनाया गया था, लेकिन विकिरण रिसाव नहीं हुआ। नतान्ज़ स्थित परमाणु संयंत्र ईरान का मुख्य संवर्धन केंद्र है, जो तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। पिछले साल जून में ईरान और इजराइल के बीच 12 दिनों के युद्ध के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी इसे निशाना बनाया था। आईएईए ने भी हमले की पुष्टि की है, लेकिन कहा कि परमाणु सामग्री वाले स्थलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है और कोई विकिरण नहीं फैला है।
अराद शहर पर भी ईरान ने किया हमला
शनिवार रात को दक्षिणी इजराइली शहर अराद में हुए ईरानी मिसाइल हमले में कई लोग घायल हो गए। इजराइली आपातकालीन दल घटनास्थल पर हुए नुकसान का जायजा ले रहे हैं। घटनास्थल पर मौजूद दल कम से कम चार आवासीय इमारतों में हुए व्यापक विनाश के बीच काम कर रहे थे। इजराइली एम्बुलेंस सेवा, एमडीए ने एक लिखित बयान में कहा कि घटनास्थल से 75 घायलों को निकाला गया, जिनमें से 10 की हालत गंभीर, 13 की हालत मध्यम, 48 की हालत मामूली थी और 4 मरीज चिंता के लक्षणों से पीड़ित थे। इजराइली पुलिस, दमकलकर्मी और सेना की गृह मोर्चा कमान अभी भी लापता लोगों की तलाश में इमारतों में तलाशी अभियान चला रहे थे।
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